धर्म

गिरिराज पूजन व छप्पन भोग की भव्यता से आलोकित हुआ कथा पांडाल

श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद का लाभ

जोधपुर। कुड़ी भगतासनी हाऊसिंग बोर्ड आठ सेक्टर स्थित गोकुलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पांचवें दिवस पर गिरिराज पूजन व छप्पन भोग का आयोजन हुआ । आयोजन मण्डल के भँवर मालवीय ने बताया की दोपहर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “गिरिराज धरण की जय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

पंचम दिवस पर परम श्रद्धेय कथा वाचक शकुंतलम शास्त्री ने गोवर्धन लीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की। यह प्रसंग इस सत्य को स्थापित करता है कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।


कथा के दौरान कृष्णानन्द जी महाराज ने कहा कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का आश्रय लेता है, उसके जीवन के संकट स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान अपने भक्तों के भाव के भूखे होते हैं और निष्कपट भक्ति ही उन्हें प्रिय है।


इस अवसर पर गिरिराज पूजन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही सजे-धजे छप्पन भोग की आकर्षक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। विविध प्रकार के व्यंजन एवं प्रसाद अर्पित कर भक्तों ने अपनी आस्था प्रकट की। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया  और भक्ति संगीत, भजन-कीर्तन एवं जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण किया और धर्मलाभ अर्जित किया | इसी क्रम मे कथा के छठे दिन रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग किया जाएगा। समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य पावन प्रसंग का लाभ लेने की अपील की गई है।

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